Sikkim Tunnel Collapse Video: सिक्किम सुरंग हादसे में 10 की मौत, 17 लापता; बचाव अभियान जारी

Sikkim News | Published: 21 July 2026 | Tuesday — Sikkim Tunnel Collapse Updates: सिक्किम के नामची जिले में चीन सीमा के पास एक निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना की सुरंग में मंगलवार को हुए एक संदिग्ध गैस विस्फोट के बाद हुए बड़े भूस्खलन में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य लापता हो गए हैं। अधिकारियों ने आज, 21 जुलाई 2026 को इस दुखद घटना की पुष्टि की। यह हादसा मंगलवार तड़के हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे से शवों को निकालने का काम जारी है, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है।

Sikkim Tunnel Collapse: शुरुआती जानकारी और कारण

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना नामची जिले में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के तहत बन रही सुरंग में हुई। एक संदिग्ध गैस विस्फोट के कारण सुरंग का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर फंस गए। यह इलाका हिमालय की तलहटी में स्थित है, जहां भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों को तैनात किया है।

सरकार की प्रतिक्रिया और Sikkim Tunnel Collapse पर बचाव अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की है और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस त्रासदी पर चिंता व्यक्त की है और सिक्किम सरकार को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। बचाव अभियान तेजी से चल रहा है, लेकिन सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है क्योंकि मलबा और खतरनाक स्थिति चुनौती बनी हुई है। क्षेत्र में भारी बारिश और अस्थिर भूभाग भी बचाव प्रयासों को बाधित कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं। लापता 17 लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। घटनास्थल पर एम्बुलेंस और चिकित्सा दल भी मौजूद हैं ताकि बचाए गए लोगों को तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। इस दुखद घटना से पूरे राज्य में शोक का माहौल है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है, और भूस्खलन तथा बाढ़ जैसी आपदाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। सिक्किम में इस सुरंग त्रासदी ने पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

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