Salman Khan BlackBuck Teaser: सलमान को बड़ी राहत! दिल्ली हाई कोर्ट ने 'काला हिरण' फिल्म का टीजर हटाने का दिया आदेश,

 Mumbai | Entertainment News | 27 July 2026 at 10:03 AM | Monday - Salman Khan BlackBuck Teaser: सलमान को बड़ी राहत! दिल्ली हाई कोर्ट ने 'काला हिरण' फिल्म का टीजर हटाने का दिया आदेश

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर को सोशल मीडिया और इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के रवैये पर भी कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। 

जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्माता लगातार अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें खुद को कानून से ऊपर समझने की गलतफहमी हो गई है। अदालत ने यह भी कहा कि पहले उनके साथ नरमी बरती गई थी, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने एक्स (X), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से फिल्म के टीजर और उससे जुड़े लिंक 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश जारी किया।यह मामला सलमान खान द्वारा दायर उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार की सुरक्षा की मांग की थी। 

अभिनेता का आरोप का गंभीर आरोप 

अभिनेता का आरोप है कि फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' में उन्हें ऐसे तरीके से प्रस्तुत किया गया है जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसकी कानूनी कार्यवाही अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। याचिका में यह भी कहा गया कि फिल्म के पोस्टर और टीजर में दिखाया गया किरदार काफी हद तक सलमान खान से मिलता-जुलता है, यहां तक कि उसमें वही प्रसिद्ध ब्रेसलेट भी दिखाया गया है जिसे अभिनेता वर्षों से पहनते आ रहे हैं। साथ ही, फिल्म में उन्हें कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड से जोड़ने की कोशिश की गई है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने फिल्म के कंटेंट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबित न्यायिक मामलों को इस तरह प्रस्तुत करना अदालत की अवमानना की श्रेणी में भी आ सकता है।

कोर्ट ने कहा ये व्यक्ति की प्रतिष्ठा का मामला

 कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा वर्षों की मेहनत से बनती है, लेकिन उसे नुकसान पहुंचने में केवल कुछ पल लगते हैं। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि टीजर का हर मिनट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहना वादी की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है और यदि इसे 24 घंटे के लिए भी प्रसारित किया जाता है तो किसी न किसी को नुकसान अवश्य होगा। अदालत ने निर्माता अमित जानी के सोशल मीडिया व्यवहार पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि वह लगातार अनुचित टिप्पणियां कर रहे हैं और यह स्वीकार्य नहीं है। 

कोर्ट ने दोहराया कि किसी भी व्यक्ति, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई सार्वजनिक हस्ती, की प्रतिष्ठा के साथ इस तरह का व्यवहार न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने फिल्म के टीजर को तत्काल हटाने का आदेश देते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना सभी के लिए अनिवार्य है।

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