New Delhi | Crime News | Published: 22 July 2026 | Wednesday — Delhi CJP Protest Violence FIR: दिल्ली पुलिस ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को राजधानी में 'कॉकटेल जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कर्मियों पर हुए कथित हमले के बाद एक FIR दर्ज की है।
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| Delhi CJP Protest Violence FIR |
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में अब तक कुल 10 मामले दर्ज किए गए हैं और जांच जारी है। यह घटना सोमवार, 20 जुलाई को CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई थी, जब हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
CJP Protest Violence: क्या हुआ था सोमवार को?
सोमवार को, CJP के नेतृत्व में हजारों छात्रों और युवाओं ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने मार्च को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई बैरिकेड लगाए थे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या के कारण दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी कथित तौर पर कम पड़ गए। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए कुछ वीडियो में कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को RAF के एक जवान पर हमला करते और एक RAF वाहन पर पथराव करते हुए दिखाया गया था, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
दिल्ली में CJP Protest Violence के बाद FIRs का विवरण
दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शन के दौरान हुई विभिन्न कानून-व्यवस्था की घटनाओं के संबंध में अब तक कुल 10 FIRs दर्ज की गई हैं। ये मामले मध्य दिल्ली के कई पुलिस स्टेशनों में पंजीकृत किए गए हैं। प्रमुख रूप से:
- संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में चार FIRs दर्ज की गईं।
- कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में तीन मामले दर्ज किए गए।
- मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में एक FIR।
- बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन में एक FIR।
- कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में एक FIR।
पुलिस ने बताया कि FIRs प्रदर्शन के दौरान रिपोर्ट की गई विभिन्न घटनाओं और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित मामलों से संबंधित हैं। इन सभी मामलों की जांच वर्तमान में जारी है।
#Delhi: घटना का एक और वीडियो सामने आया है, इसमें एक दंगाई RAF कर्मी को लात मारता है, जिससे वह ज़मीन पर गिर जाता है। उसके गिरते ही भीड़ उसे घेर लेती है और उस पर हमला करती है।
— BUNTY CHOUDHARY JOURNALIST (@BJournalist0143) July 22, 2026
यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का तरीका नहीं है। यह अराजकता है।
आयोजक अपने समर्थकों को नियंत्रण में रखने👇 pic.twitter.com/MllXmLNVx3
सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों पर असर
इस घटना ने राजधानी में बड़े विरोध प्रदर्शनों के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 3,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और इंटरनेट शटडाउन के बावजूद, प्रदर्शनकारियों की संख्या अप्रत्याशित थी और वे संसद के द्वार तक पहुंचने में सफल रहे थे, जिसके बाद उन्हें आंसू गैस और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। आगे की जांच से ही इन घटनाओं में शामिल व्यक्तियों और लगाए गए आरोपों के बारे में अधिक जानकारी सामने आएगी। अधिकारियों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में विरोध प्रदर्शनों से निपटने की रणनीति पर विचार करना शुरू कर दिया है।

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