Chandigarh | Lifestyle News | Published: 22 July 2026 | Wednesday — BRICS Health Meeting Yoga India: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने आज, बुधवार, 22 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि योग, उभरती गैर-संचारी और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यह बयान 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के मौके पर आयोजित एक योग सत्र के दौरान दिया गया, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम ब्रिक्स स्वास्थ्य एजेंडे के अनुरूप आयोजित किया गया था, जो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा पर केंद्रित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि योग को भारत के प्रयासों के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना के बाद दुनिया भर में मान्यता मिली है.
BRICS Health Meeting Yoga India: अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और योग का प्रभाव
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि योग को अब पूरी दुनिया में पहचान मिल चुकी है. आज के सत्र में सभी प्रतिनिधियों की भागीदारी भी यह दर्शाती है कि योग के प्रति सभी का गहरा झुकाव है. उनका मानना है कि योग निश्चित रूप से गैर-संचारी और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है. ये बीमारियाँ आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही हैं, और योग एक प्राकृतिक व प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है.
#WATCH | On the second day of sixteenth #BRICS Health Ministers' meeting in Chandigarh, delegates from different countries perform #Yoga in a session.@BricsIndia2026 @MoHFW_INDIA pic.twitter.com/6eC0d6fNgU
— DD India (@DDIndialive) July 22, 2026
ब्रिक्स समूह के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में 21 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स देशों और उनके भागीदारों के बीच स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करना है.
जीवनशैली बीमारियों के खिलाफ BRICS Health Meeting Yoga India की पहल
पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि ब्रिक्स स्वास्थ्य एजेंडे में स्वस्थ जीवनशैली और पारंपरिक, पूरक व एकीकृत चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया गया है. योग सत्र का आयोजन इन्हीं दोनों एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया था. यह पहल यह दर्शाती है कि भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता 2026 के तहत वैश्विक स्वास्थ्य पर सामूहिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
- योग का महत्व: योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है.
- गैर-संचारी रोग: इसमें हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और श्वसन संबंधी बीमारियाँ शामिल हैं, जो अक्सर खराब जीवनशैली से जुड़ी होती हैं.
- वैश्विक सहयोग: ब्रिक्स जैसे मंच इन बीमारियों से निपटने के लिए देशों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण हैं.
- भारत की भूमिका: भारत ने योग को वैश्विक मंच पर लाने में अग्रणी भूमिका निभाई है.
चंडीगढ़ में हुई इस बैठक से पहले, मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जहाँ पुण्य सलिला और वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष मंत्रालय के सचिव ने 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक की तैयारियों, एजेंडा और अपेक्षित परिणामों के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी. यह लगातार वैश्विक स्तर पर योग और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
#BRICSHealthMeet #YogaForLife #LifestyleDiseases #ChandigarhYoga #HealthyIndia

Post a Comment